शनिवार, 1 फ़रवरी 2025

राहत कोष का गमन जनप्रतिनिधि और प्रशासन 9 करोड़ 80 लाख हड़पने की तैयारी में

 बीते 31 जुलाई 2024 को केदारनाथ में प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों लोगों का रोजगार खत्म हो गया, जिसमें कई लोगों ने अपनी जाने गवाई। घोड़े खच्चर डोली, कण्डी और अन्य प्रकार के स्थानीय व्यापारियों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 9 करोड़ से ऊपर की धनराशि मुआवजा के तौर पर दी जानी थी, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में की राहत कोष को हड़पने की मंशा साफ नजर आ रही है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है और प्रभावितों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया।

 प्रशासनिक भ्रम

 केदारनाथ के व्यापारीयों को प्रशासन और जनप्रतिनिधि भ्रमित करते जा रहे हैं। जब प्रवाहित लोग मुआवजे की बात करते हैं तो प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर आने वाले समय के लिए व्यवस्थाओं की बात करते है, लेकिन जो आपदा से प्रभावित हुए हैं उनके लिए कोई भी बात नहीं कर रहा है। इससे साफ नजर आ रहा है कि प्रशासन मुआवजे की राशि को प्रभावितों तक पहुंचाना नहीं चाह रहा है। 


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