जिला मुख्यालय में RSETI RUDRAPRAYAG के द्वारा 13 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 जनवरी से 24 जनवरी तक चलाया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मे प्रशिक्षार्थियों को CCTV CAMERA , SECURITY ALARM और SMOKE DETECTOR को स्थापित करना और रिपेयरिंग करना सिखाया गया। यहां ट्रेनिंग के साथ-साथ प्रशिक्षार्थियों को अनुशासनात्मक रूप से कार्य करने का विषेश प्रशिक्षण दिया गया। RSETI RUDRAPRAYAG के द्वारा 13 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में निशुल्क भोजन एवं आवास की व्यवस्था भी उपलब्ध रही। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को प्रतिदिन सुबह 9:00 से सांय 5:00 तक प्रयोगात्मक रूप से प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षक भूपेंद्र सिंह रावत जी के द्वारा प्रशिक्षुओं को व्यक्तित्व विकास संबंधी क्रियाकलाप करवाये जाते हैं। और नीरज आर्य जी के द्वारा प्रशिक्षुओं को Practical करवाये जाते हैं। और विरेंद्र सिंह बर्तवाल के द्वारा प्रशिक्षुओं को ज्ञान प्रद खेल खिलाएं जाते हैं। जिसके द्वारा मुख्य रूप से प्रशिक्षुओं को भविष्य के लिए तैयार किया जाता है।
RSETI के द्वारा 13 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम |
RSETI TRAINING के फायदे |
RSETI क्या है? |
RSETI में संचालित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम |
प्रशिक्षार्थियों के लिए सुविधाएं |
प्रोजेक्ट रिपोर्ट RSETI RUDRAPRAYAG |
फील्ड विजिट RSETI RUDRAPRAYAG |
निष्कर्ष |
RSETI के द्वारा 13 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
वसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रथम दिवस INSTALLATION AND SERVICING OF CCTV CAMERA, SECURITY ALARM AND SMOKE DETECTOR के लिए सभी प्रशिक्षुओं ने पंजीकरण कराया उसके बाद SBI के मुख्य प्रबंधक अंजलि कुशवा , निदेशक किसन सिंह रावत, SBI CSC के मैनेजर और ITI के शिक्षक सैनी जी और रतूड़ी जी के द्वारा द्वीप प्रज्जविलत कर निकट भविष्य के लिए प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया गया। इसके बाद प्रशिक्षुओं को इस ट्रेनिंग के सभी नियमों से परिचित कराया गया। इसके बाद RSETI के प्रशिक्षक भूपेंद्र सिंह रावत के द्वारा प्रशिक्षुओं को soft skills को बेहतर करने के तरीके बताए गए। इसके बाद RSETI प्रशिक्षक विरेंद्र सिंह बर्तवाल के द्वारा Micro Lab Ice Braking Game के द्वारा प्रशिक्षुओं को मानसिक रूप से तैयार किया गया। 15 जनवरी से ट्रेनर नीरज आर्य ने प्रशिक्षुओं को प्रयोगात्मक रूप से प्रशिक्षित करना शुरू किया।
RSETI TRAINING के फायदे
कइ बार बेरोजगार युवा कुछ करना चाहते हैं। लेकिन वह यह नहीं समझ पाते हैं कि उनको करना क्या है। यदि कुछ समय तक वह कुछ कर नहीं पाते हैं तो वह डिप्रेशन में चले जाते हैं। कइ बार तो लोग आत्महत्या तक कर देते हैं। कुछ लोगों भीख भी मांगते हैं, कुछ चोरी डकेती करना शुरू कर देते हैं। इस सबसे बचने के लिए RSETI के द्वारा ऐसे बेरोजगारों में विशेष कौसल का विकास किया जाता है, जिससे कि उनमें एक उद्यमी वाले गुणों का विकास हो। और वह अन्य लोगों को भी रोजगार देने के काबिल बन पाए। इस ट्रेनिंग के बाद कोई भी अपना व्यवसाय तो शुरू कर ही सकता है लेकिन इसके बाद सरकार भी उनके व्यवसाय को चलाने में उनकी मदद करेगी। सरकार के द्वारा लोन में भी सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई है। सरकार द्वारा चलाई जा रही एक ऐसी ही योजना का नाम PMEGP है। जिसमें सरकार के द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी सब्सिडी की व्यवस्था की गई है।
RSETI क्या है?
डाक्टर विरेंद्र हेगड़े ने सिंडिकेट बैंक और केनरा बैंक के साथ संयुक्त रुप से ग्रामीण विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ( RUDSETI) की स्थापना 1982 मे की थी। विरेंद्र हेगड़े जी को दूसरे सबसे नामिक पुरुषकार पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। RUDSETI model से प्रभावित होकर 2009 में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सभी जिलों में एक RUDSETI संस्था स्थापित करने की सलाह दी। जिसे ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के रूप में जाना जाता है। साधारण शब्दों में यह कहा जा सकता है कि RSETI . RUDSETI का ही प्रतिरूप है। RSETI न सिर्फ प्रशिक्षण प्रदान करती है बल्कि दो वर्ष तक सहायता भी प्रदान करती है। RSETI का पूरा नाम Rural Self Employment Trening Institute जिसका हिंदी रूपांतरण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान हैं।RSETI के द्वारा ग्रामीण और शहरी युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है, जैसे- फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी, कंप्यूटर हार्डवेयर और डीटीपी, लेमिनेशन कोर्स, मल्टि फोन सर्विसिंग आदि। RSETI बैंक द्वारा प्रायोजित किया गया जाता है। किसी भी जिले में जिस बैंक की सर्वाधिक शाखाएं होती है, वह बैंक जिले मे RSETI पर नियंत्रण रखता है। रूद्रप्रयाग जिले में RSETI State Bank Of India के नियंत्रण में है। पूरे देश में सर्वाधिक RSETI भारतीय स्टेट बैंक के नियंत्रण में है। क्योंकि देश के सर्वाधिक जिलों में भारतीय स्टेट बैंक की सर्वाधिक शाखाएं हैं। RSETI में 18-45 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति किसी भी जाति धर्म संप्रदाय का प्रशिक्षण ले सकता है जो बिल्कुल निशुल्क है।
RSETI प्रशिक्षक भूपेंद्र सिंह रावत के द्वारा प्रशिक्षुओं को सफल उद्यमी के सभी गुणों से परिचित कराया गया। सफल उद्यमी में 15 मुख्य गुण पाए जाते हैं। स्व-प्रेरणा(Initiative), अवसरों की पहचान और उनका प्रयोग ( Sees and acts on opportunity), दृढ़ता से संपादित करना(Persistence), सूचनाओं को खोजना (Seeking information), उत्तम गुणवत्ता के प्रति चिंतन(Concern for higher quality of work), कार्य को सम्पन्न करने के प्रति प्रतिबद्धता, दक्षता के प्रति चिंता(Initiative), व्यवस्थित योजना तैयार करना (Systematic planning), समस्याओं का समाधान (Problem solving), आत्म विश्वास (Self-confidence), स्पष्टवादिता(Assertiveness), यकीन दिलाना (Persuation), प्रभाव डालना (use of influence strategies), निगरानी करना (Monitoring), संबंधित व्यक्तियों और कर्मचारियों के सुख-दुख का ख्याल रखना। उद्यमी व्यक्ति में इन सभी गुणों का होना आवश्यक है। इन गुणों के अभाव में उद्यमी व्यक्ति कभी भी अपने व्यापार को शिखर तक नहीं पहुंचा सकता है। इन सभी गुणों का बचपन से ही व्यक्ति मे होना संभव नहीं है। इन गुणों का व्यक्ति में धीरे-धीरे विकास होता है। इन गुणों में पारंगत होने के लिए व्यक्ति को निरंतर सीखने की उम्मीद के साथ कार्य करना चाहिए और यदि वह असफल हो तो अपनी गलतियों को सुधार कर पुनः प्रयास करना चाहिए।
RSETI में संचालित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम
- सूक्ष्म उद्यमियों के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP)
- डेयरी फार्मिंग और वर्मि कम्पोस्ट बनाना
- मशरूम की खेती
- सेल फोन मरम्मत और सेवा
- ब्यूटी पार्लर प्रबंधन
- जूट उत्पाद उद्यमी
- पापड अचार और मसाला पाउडर
- वाणिज्यिक बागवानी
- कृषि उद्यमी
- साफ्ट टायज मेकर और सेलर
- मधुमक्खी पालन
- औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती
- पेपर कवर , लिफाफा और फाइल बनाना
- फोटो फार्मिंग, लेमिनेशन और स्क्रीन प्रिंटिंग
- सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा अलार्म और स्मोक डिटेक्टर की स्थापना और सर्विसिंग
- पुरुषों का दर्जी
- महिला दर्जी
- डेस्कटॉप प्रकाशन
- कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग
- भेड पालन
- मुर्गी पालन
- बकरी पालन
- फास्ट-फूड स्टाल उद्यमी
- वाणिज्यिक फूलों की खेती
- सब्जी नर्सरी प्रबंधन खेती
- यात्रा और पर्यटक गाइड
- बांस और बेंत शिल्प बनाना
- पालिहाउस और शेड नेट फार्मिंग
- चिनाई और कंक्रीट का काम
- फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी
- वेल्डिंग और निर्माण
- बढ़ईगीरी
- किराना और किराना दुकान
- सामान्य ईडीपी
प्रशिक्षार्थियों के लिए सुविधाएं
प्रशिक्षण संस्थान के द्वारा प्रशिक्षुओं के लिए निशुल्क भोजन और आवास की व्यवस्था की गई। जिसमें प्रशिक्षुओं को यदि किसी प्रकार की समस्या हो तो तुरंत उसका हल निकाला जाता। साथ ही साथ प्रशिक्षुओं के लिए संस्थान द्वारा टीसर्ट और टोपी निशुल्क दी जाती है। प्रशिक्षुओं के द्वारा प्रेक्टिकल के दौरान उपयोग किए जाने वाले सभी उपकरण और नोटपैड और पैन भी निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट RSETI RUDRAPRAYAG
RSETI रुद्रप्रयाग के द्वारा प्रशिक्षुओं को उद्यम के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना सिखाया गया। प्रोजेक्ट रिपोर्ट किसी भी उद्यम की शुरुआत का पूर्व तैयार अनुमानित ढांचा होता है। जो यह दर्शाता है कि शुरु किए जाने वाले उद्यम के द्वारा कितने समय मे कितना लाभ होगा और कितना धन व्यय करने की आवश्यकता है। यदि किसी उद्यम के लिए बैंट से ऋण लेने की आवश्यकता है तो बैंक में अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट दिखानी आवश्यक होती है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट के बिना बैंक से ऋण पाना बहुत ही मुश्किल काम है। इसलिए अभ्यास के तौर पर सभी प्रशिक्षार्थियों से एक एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवायी गयी।
RSETI के द्वारा प्रशिक्षुओं की विभिन्न स्तरो पर परीक्षाएं ली ही जाती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रशिक्षार्थियों के द्वारा मुख्यपरीक्षा दी गई और इस परीक्षा मे सभी प्रशिक्षार्थि सफल रहे।
फील्ड विजिट RSETI RUDRAPRAYAG
RSETI के द्वारा प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम के एक दिन अतरिक्त District Disaster Management Office (DDMO) मे ले जाकर वहां से संपूर्ण जिले की निगरानी हेतु लगाए गए कैमरों के दृश्य को दिखाया गया। और इस विषय पर लंबे समय तक चर्चा की गई। यंहा सभी प्रशिक्षुओं ने केदारनाथ से रुद्रप्रयाग तक के सभी कैमरों की मोनिटरिंग की। इसके बाद समस्त प्रशिक्षुओं को रुद्रप्रयाग के औद्यौगिक क्षेत्र भटवाणी सैंण में ले जाया गया। यंहा प्रशिक्षुओं को उद्यम के क्षेत्र में सफल हुए व्यक्तियों के कार्यस्थल पर को दिखाया गया। फिलडविजिट के दौरान प्रशिक्षुओं को विभिन्न मसीनो को दिखाया गया और उनका उपयोग बताया गया।
निष्कर्ष
देश मे लगातार बेरोजगार युवाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। बेरोजगार युवा कार्य के अभाव में उलटे सीधे कार्य करता है। कई बार तो बेरोजगार युवा आत्महत्या भी कर लेता है। क्योंकि उनके पास कार्य करने के लिए कोई ऐसा विषेश कौसल नही होता है। जिससे वह कमाई कर सके। बेरोजगार युवा के पास वर्तमान में डिग्रीयां तो बहुत हैं लेकिन वह सिर्फ उन डिग्रीयां के आधार पर नौकरी नही पा सकता क्योंकि वर्तमान में लगभग सभी के पास डिग्री या डिप्लोमा है। इन सबको ध्यान मे रखकर RSETI की स्थापना की गई। RSETI के द्वारा ऐसे बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं जो कुछ करना चाहते हैं लेकिन उनके पास करने के लिए विशेष कौसल की कमी है। रुद्रप्रयाग जिले में भी RSETI के द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षकों के तौर पर विषेषज्ञों को बुलाया जाता है। ये विषेषज्ञ कम समय में ही प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने का कार्य करते हैं।

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