अगस्त्मुयनि में जिला प्रशासन द्वारा नारी शक्ति वन्दन समारोह के अंतर्गत वब्वै, ब्वारी और नौनी कौथिग का आयोजन किया गया था। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम हेतु विभिन्न ग्रामों से महिलाओं को और स्कूली बच्चों को जिला प्रशासन द्वारा बुलाया गया था। Pushkar Singh Dhami - अगस्त्यमुनी में पहुंचे तो स्वागत करने के लिए छतो के ऊपर नजर आए हजारों की संख्या में लोग। पुष्कर सिंह धामी के आगमन से पहले ही अगस्त्यमुनी खेल प्रांगण पूर्ण रूप से भर चुका था। और गंगानगर से सिल्ली तक भीड़ का जमावड़ा था। अगस्त्यमुनी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देखने के लिए जितनी मात्रा में लोग यहां पहुंचे थे उतनी मात्रा में मेले के समय भी यंहा भीड नजर नही आती । जब भी कोई राजनेता किसी क्षेत्र में जाता है तो वहां नेता के पीछे खड़े होने वाले लोगों की भीड़ को जुटाना पड़ता है। लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ यंहा भीड की तादाद इतनी ज्यादा थी कि, पुलिस प्रशासन में लोगों को कमियां नजर आने लगी। कुछ लोगों का तो यह कहना था कि जब मुख्यमंत्री आ रहे हैं तो, प्रशासन के द्वारा पुलिस बल को अधिक मात्रा में तैनात करना चाहिए था। पुष्कर सिंह धामी हेलीकॉप्टर से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्मुयनि के खेल मैदान में उतरे । और उसके बाद क्षेत्र के प्रमुख और लोकप्रिय नेताओं से मिले । उसके बाद गाड़ी से विजयनगर तक गए और उसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पदयात्रा शुरू हुई। पुष्कर सिंह धामी के हेलीकॉप्टर उतरने तक महाविद्यालय के खेल मैदान के लगभग 100 मी. के दायरे तक सामान्य जनता का प्रवेश निषेध कर दिया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री धामी के चाहने वालों की संख्या इतनी अधिक थी कि प्रशासन के द्वारा उनको पहले ही खेल मैदान में भेजा जा चुका था फिर भी मुख्यमंत्री के आगमन के समय महाविद्यालय के आसपास के दायरे में हजारों की संख्या में लोग खड़े थे। लोग उत्साहित थे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देखने के लिए। लोगों ने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से उतरते ही नारे लगाने शुरू कर दिए। किसी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिंदाबाद के नारे लगाए, तो किसी ने जय श्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए, और किसी ने बीजेपी जिंदाबाद के नारे लगने शुरू कर दिए। महिलाएं बहुत दूर दराज के गांवों से आई हुई थी। वह पुष्कर सिंह धामी को करीब से देखना चाहती थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से तैनात पुलिस बल ने पुष्कर सिंह धामी के नजदीक किसी को आने की अनुमति नहीं दी। यह देखते हुए कई महिलाएं निराशा हुई। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद बहुत खुश नजर आए, उनके चेहरे पर एक अच्छी मुस्कान देखने को नजर आ रही थी। मुख्यममंत्री पुष्कर सिंह धामी महर्षि अगस्त्य की तपस्थली में इस प्रकार से आ रहे थे जैसे वो अगस्त्य ऋषि के दर्शन करने आए हो। मुख्यमंत्री के आने से पहले ही सुरक्षा दस्ते ने पूरे क्षेत्र की अच्छे से जांच पड़ताल कर दी थी। और पूरी सड़क को खाली कर दिया था। सड़क में यदि कोई गाड़ी खड़ी नजर आती तो प्रशासन के द्वारा वह गाड़ी क्रेन से उठा दी जाती, और गाडी को थाने में पंहुचाया जाता। इस प्रकार मुख्यमंत्री के लिए प्रशासन के द्वारा व्यवस्थाएं की गई।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की पदयात्रा
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami कुछ दूर चले और विजयनगर पहुंचने पर वहां से पदयात्रा शुरू कर दि गई। पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बहुत ही खुश नजर आए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरी पदयात्रा के दौरान ही मुस्कुराते नजर आए। पदयात्रा तो सिर्फ नाम दिया गया है इस दौरान मुख्यमंत्री के पास समय की कमी के कारण मुख्यमंत्री पैदल ना चलकर खुले वाहन से धीमी गति से चले। जब मुख्यमंत्री इस समय लोगों के बीच से गुजरे तो लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर और छतों पर चढ़कर मुख्यमंत्री के ऊपर पुष्प वर्षा कर रहे थे। यह देखकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद ही प्रसन्न नजर आए और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों के ऊपर पुष्प बरसाने शुरू कर दिए। पदयात्रा पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नारी शक्ति वन्दन समारोह में पहुंचे। पुष्कर सिंह धामी ने यहां पूजा अर्चना की और उसके बाद खेल मैदान में लगे सभी स्टालों का निरीक्षण किया।
नारी शक्ति वन्दन समारोह में भीड़
प्रशासन के द्वारा आकलन किया गया था कि इस नारी शक्ति वन्दन समारोह में 20000 के करीब जनसंख्या उपस्थित रहेगी। और 20000 की जनसंख्या के हिसाब से ही व्यवस्थाएं की गई थी, लेकिन जनसंख्या इसके पार जा पहुंची और 25000 से अधिक हो गई। पूरा पांडाल भर गया, और इस पंडाल से बाहर भी लोगों को जगह नहीं मिली, इसके बाहर सैकड़ो कुर्सियां लगाई गई , फिर भी लोगों को बैठने की जगह नहीं मिली। पूरा ही खेल मैदान भीड़ से भर चुका था लेकिन इसमें प्रशासन की बेहद कमियां नजर आने लगी। मुख्यमंत्री ने भीड़ को देखकर जिला प्रशासन की पीठ थपथपाई, परंतु प्रशासन का ध्यान तो केवल मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की खुशी में ही निहित दिखा। आम जनता को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन भी नाकाम रहा। यहां हजारों की संख्या में आई हुई जनता के लिए शौचालय की व्यवस्था में नहीं दिखी। 25000 की जनसंख्या के लिए एक दो शौचालय से कुछ नहीं होने वाला था। प्रशासन ने पिछले कई दिनों से सिर्फ मुख्यमंत्री के आने की ही व्यवस्थाएं की जैसे की, रातों-रात उस सडक को गड्ढा मुक्त कर दिया जंहा से मुख्यमंत्री ने जाना था। रास्ते में जहां बहुत सारी झाड़ियां थी वहां झाड़ियां का नामोनिशान खत्म कर दिया। और जहां रास्तों में सिर्फ इधर-उधर गड्ढे दिखाई देते थे वहां एक दो दिन में ही टाइल्स लगवा दिए गए। और महाविद्यालय अगस्त्यमुनी के आस-पास के दर्जनों पेड़ काट दिए गए। इस क्षेत्र की जनता ने जैसी आसा न की थी उस प्रकार से रातों रात चारों ओर पेंटिंग बनवा दिए गए। यह कार्य सिर्फ और सिर्फ उतने ही क्षेत्र में किए गए जितने क्षेत्र से होकर मुख्यमंत्री ने गुजरना था । इसके अलावा इधर-उधर कहीं भी कार्य नहीं किए गए। रातों-रात क्षेत्र का नक्शा बदल दिया गया लेकिन सिर्फ एक सीमित दायरे तक। जहां सड़क किनारे अव्यवस्थाएं नजर आनी थी वहां प्रशासन ने बड़े-बड़े बैनर लगा दिए, जिससे कि इधर-उधर कुछ स्पष्ट न दिखाई दे। जिला प्रशासन ने अपनी कर्मियों को छुपाने के लिए है बेहद अधिक प्रयास किया और वह इसमें सफल भी रहे, मुख्यमंत्री इस सब को देख नहीं पाए। क्योंकि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सिर्फ उस सीमित क्षेत्र को देखा जीतना की उनको प्रशासन के द्वारा दिखाया गया।
नारी शक्ति वन्दन समारोह के लिए व्यवस्था या अव्यवस्था
जिस प्रकार प्रशासन ने अपनी कमियां छुपाने के लिए अवस्था वाले क्षेत्र को चारों ओर से ढक दिया। उससे स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक किस प्रकार से अपने कार्यों के प्रतीक गैर जिम्मेदार हैं। यदि एक-दो दिन में ही इतना कार्य करना संभव है तो क्यों ना इतने ही कार्यों को पूरे जिले, पूरे प्रदेश में ही किया जाए। रातों-रात यहां सड़क गड्ढा मुक्त कर दी जाती हैं, क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami इस रास्ते से गुजरने वाले हैं। लेकिन जहां दर्जनों गांव की सड़क बंद पड़ी है वहां प्रशासन कार्य करने के लिए तैयार नहीं है।
नारी शक्ति वन्दन समारोह के इस अवसर पर जब पंडाल में उपस्थित लोग खेल मैदान से बाहर जाने लगे तो प्रशासन को यह बात बिल्कुल भी पसंद नहीं आई और जल्दबाजी में खेल मैदान के दोनों गेटों को बंद करवा दिया गया। फिर दोबारा से लोगों को पंडाल में बिठाया गया। उनमें से अधिकतर लोग ऐसे थे जिनको दूर दराज के गांव में वापस जाना था। लेकिन प्रशासन इस बात को नजर अंदाज करने लगा और लोगों को जबरदस्ती बैठने के लिए मजबूर किया गया। लोगों को प्रशासन का यह कार्य ना खुश करने वाला लगा। बात अभी यहीं पर खत्म नहीं हुई, कई ग्रामीण इलाकों से महिलाओं को स्टेज पर अपनी प्रस्तुति देने के लिए बुलाया गया था जिसके लिए महिलाओं ने काफी तैयारी की हुई थी। लेकिन उन महिलाओं को भी स्टेज पर अपनी प्रस्तुति देने का अवसर नहीं मिला। जिससे महिलाओं में असंतोष की भावना नजर आई। यदि नारियों का ही त्यौहार हो और नारियों को ही अवसर न मिले तो यह बात असंतोष पैदा करने वाली भी है ही।
नारी शक्ति वन्दन समारोह में खाने के लिए हुई छीना-झपटी
दूरदराज के गांव से मुफ्त गाड़ियों की सुविधा करके लोगों को सुबह 9 बजे खेल मैदान अगस्त्यमुनी में पुष्कर सिंह धामी का भाषण सुनने के लिए बुलाया गया था। ऐसा भी हो सकता है कि कुछ लोग बिना खाना खाए हुए ही खेल मैदान में पहुंचे हो। लेकिन वहां खाना तब लोगों को दिया जाना था जब पुष्कर सिंह धामी का भाषण खत्म हो जाएगा। तब तक लोगों के पेट में भूख से चूहे दौड़ने लगे थे। लोगों ने कैटरिंग के आगे खड़े होकर वहां रखे खाली बर्तन बजाने शुरू कर दिए और खाना वितरण क्षेत्र में हल्ला मचाना शुरू कर दिया। यह देखकर वहां पर पुलिस प्रशासन तत्काल उपस्थित हुआ। लगभग 3:00 बजे लोगों को खाना मिलना शुरू हुआ, भूखे लोगों ने खाने को अवस्थित ढंग से छीनना शुरु कर दिया। किसी को सिर्फ दाल ही मिली, तो किसी को सिर्फ चावल ही, किसी को सिर्फ पूरी ही मिली। बहुत अधिक मात्रा में खाना बर्बाद हुआ क्योंकि3:00 बजे तक काफी अधिक मात्रा में लोग अपने घरों को चले गए थे। यदि इस समय यहां पर पुलिस प्रशासन तैनात रहता तो शायद पंक्तिबद्ध तरीके से यहां पर व्यवस्थाएं बनाई जा सकती थी।
खाने के समय दूधराज के गांव से आए हुए स्कूली बच्चों ने व्यवस्थाओं को ध्यान में रखा और पंक्तिबद्ध रूप से खाना लिया । यदि इस पूरे नारी शक्ति वन्दन समारोह में किसी की तारीफ की जाए तो वह सिर्फ महिलाएं और स्कूली बच्चे ही हैं ।
नारी शक्ति वन्दन समारोह के लिए आकर्षक कार्य
किसी भी कार्य को करने में कुछ नाकामी तो नजर आती है लेकिन यहां प्रशासन के अच्छे कार्य अधिक है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के पहुंचने तक प्रशासन ने पूरी व्यवस्थाएं कर दी थी। समय रहते ही सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया। सड़कों को खाली कर दिया गया। समय रहते सड़कों किनारे लगी गाड़ीयों को हटा दिया गया। इतनी अधिक मात्रा में उपस्थित भीड़ को पुलिस प्रशासन के द्वारा व्यवस्थित किया गया यह बेहद ही प्रसन्नता वाला कार्य हैं। खेल मैदान अगस्त्यमुनी में उपस्थित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी पुलिस प्रशासन की तारीफ करना उचित है क्योंकि भीड़ इतनी अधिक थी जितना कि आंकलन भी नहीं किया गया था।


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