बुधवार, 31 जनवरी 2024

what is kedarnath - केदारनाथ क्या है?

केदारनाथ का नाम तो सभी ने सुना ही होगा पूरे भारतवर्ष में कोई भी व्यक्ति केदारनाथ के नाम से अनभिज्ञ नहीं होगा। सबसे पहले हम यह जानेंगे कि what is kedarnath - केदारनाथ क्या है? पूरे देश में सभी को यह पता तो है कि what is kedarnath - केदारनाथ क्या है? फिर भी कुछ लोगों को केदारनाथ के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त नहीं होती है, जिन लोगों को यह पता नहीं है कि what is kedarnath - केदारनाथ क्या है? वह इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें और केदारनाथ के बारे में जानकारी प्राप्त करें। प्रति वर्ष केदारनाथ में लाखों की संख्या में लोग जाते हैं। फिर भी भारत में रहते हुए लोगों को यह मालूम नहीं है कि केदारनाथ क्या है, या कुछ विदेशी लोग यह जानना चाहते होंगे कि what is kedarnath - केदारनाथ क्या है? यह पोस्ट उनके लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी। यहां आसान शब्दों में बताया गया है कि what is kedarnath - केदारनाथ क्या है? सभी ने यह तो सुना ही होगा कि केदारनाथ मैं 2013 में आपदा आई थी। केदारनाथ 2013 की आपदा के बाद प्रसिद्ध नहीं हुआ। यह पांडव और कौरवों के युग से ही प्रसिद्ध स्थान है। लेकिन जब 2013 में केदारनाथ कि आपदा आई तब केदारनाथ पर एक फिल्म बनाई गई जिसके नायक सुशांत सिंह राजपूत थे। इस मूवी के बाद से केदारनाथ की चर्चाएं सभी जगह हवा की तरह फैल गई। जब केदारनाथ क्षेत्र में तबाही आ चुकी थी तब यहां का जीवन अस्तव्यस्त हो चुका था और केदारनाथ मंदिर में जाने के लिए रास्ता पूर्ण रूप से समाप्त हो चुका था। लेकिन सरकार ने इन सभी बातों को ध्यान में रखा और 1 साल के अंदर ही मार्ग को पहाड़ी की दूसरी तरफ से बना दिया। इस मार्ग पर निरंतर अभी भी कार्य जारी है लेकिन केदारनाथ में जाने वाले श्रद्धालु इस मार्ग के द्वारा केदारनाथ जाने में सफल रहते हैं। केदारनाथ में हेलीकॉप्टर , पैदल या घोड़े से जाया जा सकता है। यहां जाने के लिए मेडिकल चेकअप करवाना आवश्यक है। जो व्यक्ति मेेडिकली फिट होते हैंं उनको केदारनाथ में जाने की अनुमति मिल जाती है। लेकिन उत्तराखंड केे लोगों के लिए मेडिकल चेकअप करवाना आवश्यक नहीं है। क्योंकि यह क्षेत्र उनकेेेे वातावरण से मिलता जुलता है। वह इस क्षेत्र में आसानी से आवागमन कर सकते हैं। केदारनाथ जानें के लिए काफी लंबी चढ़ाई को पार करना होता है। इसलिए सरकार के द्वारा यहां जाने वाले प्रत्येक यात्री का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाता है। और उनके स्वास्थ्य की विशेष जांच की जाती है। जिन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अस्वस्थ पाया जाता है उनको यात्रा करने से रोक दिया जाता है। वह निचले क्षेत्रों में ही घूम फिर सकते हैं। इस पोस्ट का मुख्य उद्देश्य लोगों तक यह जानकारी पहुंचना है ,कि what is kedarnath - केदारनाथ क्या है? कुछ लोगों को तो यह पता ही होगा कि what is kedarnath - केदारनाथ क्या है? लेकिन यह पोस्ट उन लोगों के लिए है जिनको यह जानकारी नहीं है। इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें आप केदारनाथ से संबंधित अधिक से अधिक सवालों के जवाब यही पर प्राप्त कर लेंगे। यदि आपके किसी सवाल का जवाब इस पोस्ट में नहीं मिल पाता है तो अगली पोस्ट में आपको उस सवाल का जवाब भी मिल जाएगा। यदू आप केदारनाथ में जाना चाहते हैं तो केदारनाथ से संबंधित सभी जानकारियां आपको यहां देखने को मिल जायेंगी। इस पोस्ट को अध्ययन की दृष्टि से 3 भागों में बांटा गया है। 


what is kedarnath - केदारनाथ क्या है?
केदारनाथ कौन-कौन जा सकता है?
निष्कर्ष


what is kedarnath - केदारनाथ क्या है?

केदारनाथ एक विशाल भू भाग है। केदारनाथ के नाम से एक विधानसभा भी गठित की गई है यह क्षेत्र पहाड़ों पर स्थित है यहां के लोग अपनी आजीविका केदारनाथ से ही प्राप्त करते हैं। केदारनाथ में भगवान शिव के पिछले भाग की पूजा अर्चना की जाती है। केदारनाथ मंदिर का निर्माण आदि गुरु शंकराचार्य के द्वारा किया गया था। वर्तमान में एक केदारनाथ में शंकराचार्य की मूर्ति भी स्थापित की जा चुकी है। केदारनाथ मुख्य रूप से भगवान शिव के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। प्रत्येक वर्ष यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंण पहुंचते हैं और भगवान शिव के दर्शन करते हैं। लोग बहुत सारी मनोकामनाएं आस्था विश्वास के साथ केदारनाथ में बड़े संघर्षों के बाद पहुंचते हैं। कुछ लोग केदारनाथ की यात्रा हेलीकॉप्टर के द्वारा करते हैं। हेलीकॉप्टर के द्वारा यात्रा करने में बहुत अधिक समय नहीं लगता है। हेलीकॉप्टर के द्वारा 5 से 7 मिनट के बीच में केदारनाथ में पहुंचा जा सकता है। सरल शब्दों में कहां जा सकता है कि केदारनाथ एक विशेष स्थान का नाम है जहां भगवान शिव का केदारनाथ मंदिर स्थित है। और केदारनाथ के नाम से इस क्षेत्र में केदारनाथ विधानसभा भी है। यह विधानसभा पूर्ण रूप से पहाड़ी विधानसभा है। यहां मैदानी इलाका 1% भी नहीं है। यह क्षेत्र महान हिमालय, मध्य हिमालय और शिवालिक हिमालय की श्रेणी में आता है। केदारनाथ के दर्शन पूरे साल भर नहीं किए जाते हैं यहां दर्शन करने के लिए निश्चित समय होता है। केदारनाथ में दर्शन वर्ष भर में 6 महीने ही किए जाते हैं और 6 महीने के लिए केदारनाथ में श्रद्धालुओं के लिए कपाट बंद कर दिए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष अप्रैल और मई में केदारनाथ के कपाट खोल दिए जाते हैं। तथा सितंबर और अक्टूबर में केदारनाथ के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। जब केदारनाथ के कपाट बंद किए जाते हैं तो उसके बाद केदारनाथ के दर्शन नहीं की जा सकते हैं। उसके बाद केदारनाथ में भारी बर्फबारी शुरू हो जाती है, जिस कारण यहां लोगों का आवागमन पूर्ण रूप से बंद किया जाता है। इतना ही नहीं जब केदारनाथ के कपाट खोल दिए जाते हैं तो उस समय भी प्रतिदिन केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को निश्चित किया जाता है। निश्चित संख्या से ऊपर केदारनाथ में यात्रियों को जाने नहीं दिया जाता है। इस संख्या का पूरा निरीक्षण माननीय जिला अधिकारी रुद्रप्रयाग के निरीक्षण में किया जाता है। इस पूरे क्षेत्र में हाई रेजोल्यूशन वाले कैमरे लगाए गए हैं। पूरा केदारनाथ क्षेत्र पीटीजे कैमरों के नियंत्रण में रहता है। हर छोटी और बड़ी चीज पर बड़ी गहनता से नजर रखी जाती है। यहां पूरे 6 महीने प्रशासन की नजर टिकी रहती है। यहां भारतीय सैना, आईटीबीपी के जवान, उत्तराखंड पुलिस के जवान, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के जवान, राज्य आपदा प्रबंधन के जवान, जिला आपदा प्रबंधन के जवान और अन्य सुरक्षा बलों को भी तैनात किया जाता है। केदारनाथ क्षेत्र पूर्ण रूप से दुर्गम क्षेत्र की श्रेणी में आता है। केदारनाथ में भगवान शिव के मंदिर के अलावा भगवान भैरवनाथ का प्रसिद्ध मंदिर भी है यह मंदिर केदारनाथ से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित है ऐसा माना जाता है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान यदि भगवान भैरवनाथ की यात्रा न की जाए तो केदारनाथ की यात्रा भी अधूरी मानी जाती है। और केदारनाथ के पूरे रास्ते में कई स्थानों पर भगवान भैरवनाथ के मंदिर स्थित है। एक ऐसी मान्यता है कि 2013 की आपदा के दौरान केदारनाथ मंदिर को बचाने के लिए एक दैवीय शिला ने पूरी आपदा के पानी को केदारनाथ मंदिर में जाने रोका था और केदारनाथ का मंदिर तबाह होने से बच्चा दिया था। इस शिला को भीम शिला नाम दिया गया है और वर्तमान में इस भीम शिला की भी पूजा अर्चना की जाती है।

केदारनाथ रोपवे

केदारनाथ कौन-कौन जा सकता है?

इस पोस्ट से यह समझ आ गया होगा कि what is kedarnath - केदारनाथ क्या है? अब हम जो जाएंगे की केदारनाथ कौन-कौन जा सकता है? वैसे तो केदारनाथ में सभी लोग जा सकते हैं लेकिन फिर भी केदारनाथ के दर्शन करने के लिए हिंदू शैव संप्रदाय के लोग ही अधिक मात्रा में जाते हैं। वर्तमान समय में तो केदारनाथ में हिंदु शाक्त संप्रदाय, हिंदू वैश्णव संप्रदाय और हिन्दू सौर संप्रदाय के लोगों के अलावा सिक्ख लोग भी केदारनाथ की यात्रा करने जाते हैं। इस क्षेत्र में हिंदुओं के अलावा अन्य धर्मों के लोग भी अपना व्यापार चलाते हैं। केदारनाथमें मैं बुजुर्ग बच्चे जवान सभी लोग जा सकते हैं। लेकिन इसके लिए स्वास्थ्य परीक्षण करना आवश्यक है। जिस कारण केदारनाथ में अधिकतर जवान लोग ही जा पाते हैं। केदारनाथ क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी रहती है, जिन लोगों को सांस संबंधित बीमारियां रहती हैं, वह लोग केदारनाथ की यात्रा नहीं कर पाते हैं। या कुछ लोग सांस की बीमारी रहते हुए भी यात्रा करते हैं तो उनको अपने पास ऑक्सीजन सिलेंडर रखना आवश्यक होता है। सांस की बीमारी वाले बुजुर्गों को केदारनाथ में नहीं जाना चाहिए। यह बहुत बड़ा जोखिम वाला कम हो सकता है। इसके बाद भी यदि कोई बुजुर्ग जो सांस की बीमारी से ग्रस्त हो और केदारनाथ जाना चाहते है तो, उनका स्पष्ट निर्देश दिया जाता है कि वह पैदल यात्रा बिल्कुल भी ना करें, उनको हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारनाथ की यात्रा करनी चाहिए। हेलीकॉप्टर के माध्यम से 5 से 7 मिनट के बीच में केदारनाथ में पहुंचा जा सकता है और इतने ही समय में वापस भी आ सकते हैं। यदि किसी को स्वास्थ संबंधी कोई दिक्कत हो भी जाती है तो वह हेलीकॉप्टर के माध्यम से जल्दी ही उपयुक्त ऑक्सीजन वाले क्षेत्र में पहुंच सकता है। यदि आप भी केदारनाथ की यात्रा करना चाहते हैं, तो आपके पास गर्म कपड़े और जूते होना बहुत ही आवश्यक है। उसके साथ एक छड़ी अपने साथ अवश्य रखें। क्योंकि चढ़ाई बहुत अधिक है चलते समय छढ़ी से काफी सहायता मिलती है। कुछ लोग बिना छड़ी के चलने का प्रयास करते हैं तो उनको रास्ते में बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। केदारनाथ चढ़ते समय एक पानी की बोतल साथ में अवश्य रखनी चाहिए। और जब भी आप केदारनाथ की यात्रा करने जा रहे हो हमेशा कोशिश करें कि, जब आप गौरीकुंड से पैदल यात्रा शुरू करें तो वह समय सुबह का ही हो। क्योंकि रास्ते में चढ़ाई बहुत अधिक है। रास्ते को पार करने के बाद भी केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए काफी लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इन बातों का भी विशेष ध्यान रखें। 

केदारनाथ रोपवे

निष्कर्ष

केदारनाथ हिंदुओं का एक प्रसिद्ध स्थान है, यहां भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर है। जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए जाते हैं। और इस नाम से एक विधानसभा केदारनाथ विधानसभा भी है, यह क्षेत्र पूर्ण रूप से पर्वतीय क्षेत्र है। केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 6 माह के लिए खोले जाते हैं। केदारनाथ आपदा पर एक मूवी भी बनाई गई है जिसका नाम केदारनाथ रखा गया और इस मूवी के नायक सुशांत सिंह राजपूत हैं। 

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