व्यक्तित्व विकास के लिए बोलना (Speak) बहुत ही आवश्यक है यदि कोई व्यक्ति बोलने में और असहज महसूस करता है तो ऐसा माना जाता है कि उस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी है। इसलिए एक बेहतर व्यक्तित्व में वार्तालाप का एक अच्छा कौशल होना चाहिए। यह कौशल किसी भी व्यक्ति में जन्म से नहीं होता है। जब बच्चा छोटा होता है तो वह बोलना नहीं जनता और चलना नहीं जानता। धीरे-धीरे जब वह प्रयास करता है। वह अपने प्रयासों में कई बार विफल रहता है, लेकिन कुछ समय बाद वह चलना शुरू कर लेता है और बोलना शुरू कर लेता है । एक दो साल की उम्र के बाद बच्चे बोलना शुरू कर लेते हैं। और वह 18 साल, 20 साल, 25 साल की उम्र तक भी ऐसे ही बोलते हैं जैसा कि उन्होंने अपने परिवार में अपने बड़ों से सीखा होगा। लेकिन कुछ लोग बेहद बेहतर ढंग से अपनी बातों को प्रस्तुत कर लेते हैं, वहीं कुछ लोग अपनी बातों को बहुत लंबे समय के बाद भी दूसरे व्यक्तियों को समझा नहीं पाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनको बात करने का बेहतर ढंग पता नहीं होता है। कई बार ऐसा भी होता है कि व्यक्ति को किसी विषय पर बहुत अधिक नॉलेज हो जाता है लेकिन वह उसको अच्छे ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पता है। इस कारण समाज में उसकी वैल्यू कम हो जाती है। या फिर जब लोग कहीं साक्षात्कार के लिए जाते हैं तो वह वहां भी कुद को अच्छे से प्रजेंट नहीं कर पते हैं और वहां भी बाहर हो जाते हैं, सिर्फ इस वजह से क्योंकि उनको अच्छा बोलना (Speak) नहीं आता है। यदि व्यक्ति के पास बोलने का अच्छा कौशल है तो वह गलत बातों को भी दूसरों से आराम से मनवा सकता है। इसके लिए स्वयं पर काम करना पड़ता है। वर्तमान समय में लोगों को जब यह मालूम हो जाता है कि उनके पास बोलने का अच्छा कौशल नहीं है। तो वह यूट्यूब पर सर्च करने लगते हैं कि अच्छा किस प्रकार से बोल सकते हैं? इसके बाद यूट्यूब पर उनको बहुत सी वीडियो दिख जाती है। जिनमें से अधिकतर वीडियो सिर्फ व्यू बढ़ाने के लिए ही होती है।कुछ लोग उन वीडियो को ही सत्य मान लेते हैं और इसी प्रकार से अपने व्यक्तित्व पर कार्य करने लगते हैं। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि यूट्यूब पर उपलब्ध सभी वीडियो गलत है। इनमें से कुछ वीडियो सही जानकारी भी उपलब्ध कराती है। लेकिन जो व्यक्ति किसी टॉपिक को पहली बार यूट्यूब पर सर्च करेगा, उसको यह मालूम नहीं होगा कि इसमें से सही वीडियो कौन सा है और गलत वीडियो कौन सा है। उस समय उसको जो भी वीडियो मिलेगा वह उसको देखकर अपना समय नष्ट करने लगेगा। इस समय को नष्ट न करते हुए इस पोस्ट में आपको यह जाने को मिलेगा की हमें किस प्रकार से बोलना (Speak) चाहिए। अच्छा बोलने के लिए हमें क्या करना चाहिए? यदि हम अच्छा बोलना सीख लेते हैं तो हमें इससे क्या फायदा होगा। क्या हर व्यक्ति अपने इस कौशल में विकास कर सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब आज आपके यहां जाने के लिए मिलेंगे। चलिए जानते हैं हमें किस प्रकार से बोलना चाहिए और कहां पर क्या बोलना चाहिए।
| बोलना (Speak) क्यों जरूरी है? |
| अच्छा कैसे बोल (Speak) सकते हैं? |
| कौनसी भाषा में बात करनी चाहिए? |
| बातें किस विषय पर की जानी चाहिए? |
| बातें कितनी देर तक की जानी चाहिए? |
| यदि हम अच्छा बोलना (Speak) सीख लेते हैं तो हमें इससे क्या फायदा होगा।? |
बोलना (Speak) क्यों जरूरी है?
जब हम अपनी बातों को या अपने विचारों को किसी दूसरे व्यक्ति के समक्ष प्रस्तुत करते हैं तो उसके लिए हमें लिखकर, हाव भाव से या फिर बोलकर समझना पड़ता है। सीरी आपके मन में नहीं विचार आ रहे हैं किसी विषय से संबंधित और आप चाहते हैं कि इन विचारों को आप दूसरों तक पहुंचाएं तो उसके लिए क्या किया जा सकता है? उसके लिए सबसे बेहतर माध्यम ही बोलना (Speak) होता है बोलकर लोग किसी भी बात को जल्दी समझ जाते हैं। क्योंकि हर किसी को पढ़ना नहीं आता लिखना नहीं आता इसलिए बोलना जरूरी है। वर्तमान समय में कई नियुक्तियां करने से पहले साक्षात्कार लिया जाता है। जिसमें बोलने का अच्छा कौशल व्यक्ति को सफल कर जाता है और बोलने का अच्छा कौशल ना होने पर व्यक्ति असफल हो जाता है। जब व्यक्ति अपना व्यापार करता है और उसको सरोज से करने के लिए जाना चाहता है तो उसे समय भी व्यक्ति में अच्छे वार्तालाप का कौशल होना चाहिए। यदि व्यक्ति अच्छा होता है तो वह लोगों के बीच अपनी अच्छी छवि बन सकता है। बोलना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि बोलने के बाद व्यक्ति में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है। और हर व्यक्ति चाहता है कि उसमें आत्मविश्वास निरंतर बढ़ता रहे। अतिशयास को बढ़ाने के लिए व्यक्ति को अपने बोलने के कौशल (स्पीकिंग स्किल speaking skills) को बढ़ाना आवश्यक है। बोलने का अच्छा कौशल सिर्फ बड़े-बड़े मंचों पर ही काम नहीं आता है जो व्यक्ति कहीं पर किसी से बात करता है तो उस समय भी यह देखा जाता है कि व्यक्ति अपनी बातों को किस प्रकार से प्रस्तुत कर रहा है जो व्यक्ति अपनी बातों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करता है। ऐसा समझा जाता है कि यह व्यक्ति अधिक ज्ञानी है। इसलिए अधिक ज्ञान अर्जन से ज्यादा बेहतर यह है कि जितना ज्ञान है उसको अधिक बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया जाए।
अच्छा कैसे बोल (Speak) सकते हैं?
कुछ लोग यह समझते हैं कि अच्छा बोलने का मतलब सिर्फ और सिर्फ मीठा बोलना है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है यदि आप कड़वा भी बोलते हैं तो बोलने का तरीका इस प्रकार से होना चाहिए कि वह भी किसी को चुभे ही ना। इसके लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। जिसमें सबसे पहले जो ध्यान रखना आवश्यक है कि जिससे आप बात कर रहे हैं वह किस समाज से संबंध रखता है उसकी उम्र कितनी है और वह क्या सुनना पसंद करता है। और उसको किस विषय में रुचि अधिक है। यदि आप देखकर इन बातों को समझ जाते हैं। तो आपका आधा काम हो चुका है इसके बाद। आपको सामने वाले व्यक्ति के प्रवेश के अनुसार बात करनी है। सबसे पहले तो जब बात कर रहे हो सामने वाले की बातों को ध्यान से सुना आवश्यक है। यदि सामने वाला व्यक्ति के द्वारा आपसे 10 मिनट तक बोला जा रहा हैं तो आप 10 मिनट तक ना बोले, आप कोशिश करें कि आप इन 10 मिनटों में से 5 से 7 मिनट के बीच में ही बोलें। लेकिन जब आप बोले तो यह सारी बातें तार्किक होनी चाहिए। बोलते समय इन बातों का ध्यान आवश्य रखें कि सामने वाले की उम्र कितनी है, उम्र के अनुसार उनकी रुचियां का अंदाजा लगाया जा सकता है और उन रुचियां के अनुसार बात की जानी चाहिए। यदि व्यक्ति जवान है तो उस प्रकार से बात की जानी चाहिए। जैसे फैशन, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, अच्छे कपड़े, अच्छे गाड़ी के बारे में बात की जा सकती है। और यदि जिससे आप बात कर रहे हैं वह व्यक्ति काफी बड़े या बुजुर्ग हैं तो उनसे इस प्रकार के विषयों पर बात की जा सकती है, जैसे की बच्चों का भविष्य, समाज में उत्पीड़न, शादी में चल रही कार्य पर बात की जा सकती है, और यदि आप किसी भी उम्र की महिलाओं से बात कर रहे हैं तो उसमें यह बात अवश्य ध्यान रखें की महिलाओं की बातों को बीच में रोकना नहीं चाहिए। जब महिलाएं आपको बोलने (Speak) का अवसर दें तभी आप बोले। लेकिन जब आप बोले तो आपकी बातें दमदार होनी चाहिए, तार्किक होनी चाहिए और ज्ञानप्रद होनी चाहिए।
कौनसी भाषा में बात करनी चाहिए?
बहुत से लोगों का सवाल होता है कि हमें किस भाषा में बात करनी चाहिए जिससे कि हमारी बातें अधिक प्रभावशाली लगे। लोगों को लगता है कि सिर्फ अंग्रेजी में बात करने से ही उनकी बातें अधिक प्रभावशाली होंगी। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। सबसे पहले आपको यह पहचाना होगा कि, आप कौन सी भाषा में बात करना सहज महसूस करते हैं। यदि आप अंग्रेजी भाषा में बोलना (Speak) सहज महसूस करते हैं तो आपको अंग्रेजी भाषा में बात करनी चाहिए। और यदि आप हिंदी भाषा में बोलना सहज महसूस करते हैं तो आपको हिंदी भाषा में ही बात करनी चाहिए। यदि आप किसी अन्य भाषा में बात करना चाहते हैं तो अन्य भाषा में भी बात कर सकते हैं लेकिन यह भाषा आपके सामने वाले व्यक्ति को भी समझ में आनी चाहिए। यदि आप दो-तीन भाषाएं जानते हैं तो आप पहले यह निश्चित करें की सामने वाला व्यक्ति कौन सी भाषा में बात करने के लिए सहज महसूस कर रहा है। आपकी बातों का महत्व भी तभी है जब वह सामने वाले व्यक्ति को समझ में आए।
बातें किस विषय पर की जानी चाहिए?
बातें किसी भी विषय पर हो सकती है लेकिन आप हमेशा यह कोशिश करें कि जो बात चल रही है कुछ समय तक उसी विषय पर बात करें। उसके बाद जिस विषय का आपको अधिक ज्ञान है धीरे-धीरे उस विषय पर बात करना शुरू कर दें। और जिस विषय के बारे में आपको अधिक नॉलेज है उसको बेहद अच्छे ढंग से प्रेजेंट करें। हो सकता है जितनी बातें आप बता रहे हों उतनी बातें इस विषय के बारे में किसी को पता ही ना हो। इसलिए इस विषय के बारे में धीरे-धीरे सामने वाली व्यक्तियों को समझाइए। यदि किसी विषय पर बात चल रही है और आप उस विषय के बारे में अधिक नहीं जानते हैं तो उसमें जितनी बातें अभी तक आपने सुनी है, उतनी बातों को अपने अनुसार तोड-मरोड़ कर कम शब्दों में प्रस्तुत करें। और इन बातों के बीच में नए विषय को सामने लाने की कोशिश करें।
बातें कितनी देर तक की जानी चाहिए?
वैसे तो बातें बहुत अधिक लंबे समय तक नहीं की जानी चाहिए। लेकिन आपको यह देखना है कि, यदि सामने वाला व्यक्ति आपकी बातों में रुचि ले रहा है तो, आप लंबे समय तक भी बातें कर सकते हैं। और यदि आपको ऐसा लगे कि सामने वाले व्यक्ति की रुचि बातों में खत्म हो रही है, तो पूरी रुचि खत्म होने से पहले अपनी बातों को खत्म कर दें। और सामने वाले की बातों को सुनना शुरू कर लें। और जब सामने वाला व्यक्ति अपनी बातें कर रहा हो तो उनकी बातों को ध्यान से सुना जाना चाहिए। और जब सामने वाले व्यक्ति की बातें पूरी हो जाए उसके बाद आप अपनी बात खत्म करके वहां से जा सकते हैं।
यदि हम अच्छा बोलना (Speak) सीख लेते हैं तो हमें इससे क्या फायदा होगा।?
जब भी आप कुछ नया सीखने हैं तो यह सोचते होंगे कि इससे हमें क्या फायदा होगा । इस प्रकार आप अभी भी सोच रहे होंगे। इसका सीधा सा यह जवाब है कि, आप जितने भी कार्य करते हैं उन सभी कार्य को करने के लिए आपको कहीं ना कहीं पर बोलना (Speak) ही पड़ता है। यदि आप एक छात्र है तो आपके पास बोलने का अच्छा कौशल होना बहुत जरूरी है। यह कौशल आपको सामान्य छात्रों से आगे रख सकता हैं। और भविष्य में यदि आप कहीं पर साक्षात्कार के लिए जाते हैं तो वहां पर आपके सफल होने के अवसर अधिक हो जाते हैं। और यदि आप एक व्यापारी है तो बोलने का कौशल आपके लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि व्यापार के लिए आपके अच्छे संबंधों का होना बहुत जरूरी है। और अच्छे संबंधों के लिए अच्छा वक़्ता होना बेहद जरूरी है। इसलिए आपके पास बोलने का अच्छा कौशल होना बेहद जरूरी है। जिस व्यापारी के पास बोलने का अच्छा कौशल नहीं है वह कभी भी अपने व्यापार को शिखर तक नहीं ले जा सकता। जिसमें इस प्रकार के कौशल की कमी है वह कुछ समय प्रयास करने के बाद खुद में इन कौशलों का विकास कर सकता है। ध्यान रखें जब भी आप किसी से बात कर रहे हो उस समय आप किसी से भी गुस्से में बात ना करें। हल्की सी मुस्कान के साथ आप अपनी बात को जारी रख सकते हैं।
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